Tuesday , July 25 2017
Breaking News

मुंह से दुर्गंध आती है तो करें ये उपाय

mouth_1

अक्सर हम देखते हैं कि कुछ लोगों के मुंह से दुर्गंध आती है। ऐसे लोग अगर जान जाएं कि उनके मुंह से दुर्गंध आ रही है तो वो लोगों से दूर से ही बात करते हैं। लेकिन यह कोई कारगर उपाय नहीं है। अगर आपके मुंह के दुर्गंध से लोग आपसे दूर भागते हैं तो सबसे पहले आप अपने मुंह की दुर्गंध को दूर करने का उपाय खोजें। ऐसा नहीं है कि यह कोई बड़ी बीमारी हैं, बल्कि एक आम
तकलीफ है और लगभग 95 प्रतिशत लोग अपने जीवनकाल में कभी न कभी इससे गुजरते ही हैं। ऐसी दिक्कत से शर्मिंदा होने के बजाय, उसके कारणों को समझें और उसका निदान करने के कारगर तरीके उपयोग में लाएं।

खान-पान

खान-पान का मुंह के दुर्गंध पर काफी असर पड़ता है। हम लहसुन, प्याज तो मजे से खा लेते हैं, लेकिन उसकी जिद्दी बदबू पीछा नहीं छोड़ती। दरअसल, इसकी वजह है पाचन क्रिया। लिया गया आहार पचने के बाद रात में अवशोषित हो जाता है, जो फेफड़ों तक भी पहुंचता है। प्याज, लहसुन, अंडे, मीट, मछली, गोभी, मूली जैसे तेज गंध वाले पदार्थ लेने से ये बदबू फेफड़ों से होते हुए मुंह से वापस आती है। खाना खाते ही कुल्ले कर लेने या ब्रश करने से थोड़ी देर की राहत मिलती है, लेकिन यह दुर्गंध पूरी तरह से तब तक नहीं जाएगी, जब तक आप उस आहार को पचा नहीं लेंगे।

डाइट

वजन कम करने के लिए क्या आप कार्ब्स में कटौती कर रहे हैं? यदि हां, तो जान लीजिए कि ‘कीटोसिस’ की गुंजाइश आपके साथ बहुत अधिक है। कीटोसिस में शरीर जरूरत से अधिक फैट्स यानी वसा घटाने लगता है, क्योंकि इसे कार्ब्स व प्रोटीन जरूरी मात्रा में नहीं मिलता। और जब शरीर वसा घटाता है, तो मुंह से दुर्गेंध आती है। ऐसा ज्यादा समय तक भूखे रहने, सुबह देर तक नाश्ता न करने या व्रत करने से भी होता है।

लापरवाही

90 प्रतिशत लोगों के मुंह से दुर्गंध का आना लापरवाही का नतीजा है। हमारा मुंह 200 तरह के कीटाणु व जीवाणुओं का घर है। ये दांत, जीभ व पर जमे रहते हैं। ऐसे मे मुंह की सेहत का ध्यान न रखना, दोनों वक्त सही तरह से मंजन न करना, फ्लॉस, जीभी का इस्तेमाल न करना इनकी पैदाइश को दोगुना कर देता है। इस लापरवाही से दांतों का सड़ना-टूटना भी आम हो जाता है। दांतों मे बढ़ रही कैविटी, सायनस, गले का इन्फेक्शन भी मुंह की बदबू का कारण बन सकते है।

मुंह सूखना

क्या आपको मुंह में सूखापन महसूस होता है? ऐसा अमूमन उन लोगों के साथ होता है, जो सभाओं, प्रेजेटेंशंस या भाषणों में अधिक बोलते हैं कई बार अधिक न बोलने के बावजूद इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है। इसका कारण है- धूम्रपान, मंदिरापान, मुंह से सांस व खर्राटे लेना। इन कारणों के चलते मुंह में लार का बनना कम हो जाता है, जिससे मुंह सूखने लगता है।

कैसे बचें

  • सुबह-शाम सही टूथब्रश व टूथपेस्ट से दांत साफ करें। कोशिश करें कि प्याज, लहसुन, मछली, मीट जैसी चीजों को रात में ही खाएं।
  • सर्दी हो या गर्म, पानी पीने में कोई कटौती न करें। रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पिएं।
  • सुबह अधिक समय के लिए भूखे पेट न रहें। पौष्टिक नाश्ता लें।
  • कभी अधिक बदबू से परेशान हैं, तो लौंग या तुलसी के पत्ते चूस लें।
  • भोजन के बाद आधा चम्मच सौंफ का सेवन करें। इससे बदबू भी दूर होगी और पाचन क्रिया भी सुधरेगी। शुगर फ्री च्यूंइगम भी एक अच्छा विकल्प है।
  • यदि अधिक बदबू का सामना करना पड़ रहा हो, तो अपने डेंटिस्ट को जरूर दिखाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

loading...
Free WordPress Themes - Download High-quality Templates